Weather Forecast: मानसून 2026 के समय El-Nino बनने की संभावना, मौसम पर क्या होगा इसका असर?
वर्ष 2026 के मानसून को लेकर शुरुआती संकेत चिंताजनक नजर आ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय ‘ला-नीना’ की स्थिति धीरे-धीरे कमजोर हो रही है और मार्च के आसपास इसके ‘न्यूट्रल’ यानी तटस्थ होने की संभावना है। हालांकि, चिंता की बात यह है कि मई-जून के दौरान प्रशांत महासागर में ‘अल-नीनो’ की स्थिति बननी शुरू हो सकती है। ऐतिहासिक रूप से देखा गया है कि ‘इवॉल्विंग अल-नीनो’ (जब अल-नीनो बन रहा हो) मानसून के लिए नकारात्मक साबित होता है, जिससे बारिश में कमी आने की संभावना बढ़ जाती है।
पिछले वर्षों का मानसून पैटर्न अगर पिछले कुछ वर्षों पर नजर डालें, तो 2020 से 2022 तक ‘ट्रिपल डिप ला-नीना’ के कारण भारत में सामान्य से बेहतर मानसून रहा। वर्ष 2023 में अल-नीनो के प्रभाव से बारिश सामान्य से कम हुई थी, जबकि 2024 में सकारात्मक ‘इंडियन ओशन डिपोल’ (IOD) ने अल-नीनो के असर को संतुलित कर दिया था। 2025 में भी मानसून सामान्य से 8% अधिक रहा। अब 2026 में अल-नीनो की वापसी की आहट ने मौसम वैज्ञानिकों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर मानसूनी हवाओं और बारिश की तीव्रता को प्रभावित कर सकता है।
वर्तमान शीत लहर और पाले का प्रकोप वर्तमान मौसम की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में शीत लहर (Cold Wave) चल रही है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में पाला पड़ने की भी प्रबल संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे के कारण ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे दिन के तापमान में भी भारी गिरावट आई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों में भी आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने के आसार हैं।
पहाड़ों और दक्षिण भारत का हाल पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फिलहाल मौसम साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन वहां कड़ाके की ठंड जारी रहेगी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचे इलाकों में बहुत हल्की बर्फबारी हो सकती है। वहीं, दक्षिण भारत की बात करें तो श्रीलंका के पास एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने से 8 से 11 जनवरी के बीच तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। केरल और कर्नाटक के ज्यादातर हिस्से फिलहाल सूखे रहेंगे, लेकिन दक्षिणी केरल में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।