रेल की पटरी चोरी क्यों नहीं होती? चोर क्यों डरते है 5 वजह ; भारतीय रेलवे की हजारों किलोमीटर लंबी पटरियां खुले आसमान के नीचे, सुनसान जंगलों और पहाड़ों से होकर गुजरती हैं। जहां एक ओर देश में छोटी-छोटी चीजें चोरी होने का डर बना रहता है, वहीं करोड़ों रुपये का कीमती स्टील बिना किसी चौकीदार या सीसीटीवी के सुरक्षित रहता है। इसका सबसे मुख्य कारण पटरी का अत्यधिक वजन और आधुनिक तकनीक है। एक सामान्य रेल पैनल का वजन लगभग 800 किलो होता है, जिसे बिना क्रेन के उठाना नामुमकिन है। साथ ही, अब पटरियों को बोल्ट के बजाय वेल्डिंग से जोड़ा जाता है, जिससे कई किलोमीटर तक पटरी एक ही अखंड टुकड़ा बन जाती है।
चोरी न होने का एक और बड़ा तकनीकी कारण पटरियों में दौड़ने वाला हल्का इलेक्ट्रिक करंट है। यह करंट रेलवे के सिग्नल सिस्टम से जुड़ा होता है। जैसे ही कोई चोर पटरी को काटने या हटाने की कोशिश करता है, सर्किट टूट जाता है और नजदीकी रेलवे स्टेशन पर तुरंत खतरे का सिग्नल और अलार्म बज जाता है। इसके अलावा, रेलवे की सुरक्षा एजेंसियां और गैंगमैन नियमित रूप से पटरियों की जांच करते हैं, जिससे किसी भी छेड़छाड़ का तुरंत पता चल जाता है।




















