गेहूं मे 60 दिन पर करें यह स्प्रे, उत्पादन बढनें की 200℅ गारंटी ; गेहूं की खेती में फसल की अत्यधिक लंबाई को नियंत्रित करने और उसे गिरने से बचाने के लिए ‘लियोसिन’ (Lihocin) जैसे प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) का उपयोग अत्यंत लाभकारी है। किसान भाइयों को गेहूं की फसल लगभग 55 से 60 दिन की होने पर पहला स्प्रे करना चाहिए, विशेषकर तब जब तने में पहली गांठ (First Node) बननी शुरू हो जाए। यह स्प्रे पौधे की अवांछित लंबाई को रोककर तने को मजबूती प्रदान करता है, जिससे फसल खराब मौसम या तेज हवाओं में नीचे नहीं गिरती और दानों की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
लियोसिन का स्प्रे करते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसकी सही डोज़ 1 लीटर पानी में मात्र 2 ml है; यानी यदि आप एक एकड़ में 100 लीटर पानी का उपयोग करते हैं, तो 200 ml लियोसिन पर्याप्त है। इसका दूसरा स्प्रे 75 से 80 दिन की अवस्था पर, यानी झंडा पत्ता (Flag Leaf) निकलते समय करना चाहिए। डोज़ में अधिकता होने पर फसल की पत्तियों के जलने का खतरा रहता है, इसलिए सटीक मात्रा का पालन करना अनिवार्य है।




















