उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरे का सितम, अब दक्षिण भारत में बारिश की आहट
उत्तर भारत के पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और ‘कोल्ड वेव’ (Cold Wave) का प्रकोप बढ़ गया है। पहाड़ों पर तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया है, जिसमें गुलमर्ग (-6.5°C) और श्रीनगर (-3.2°C) जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मैदानी इलाकों में भी राजस्थान का सीकर और उत्तर प्रदेश का कानपुर भीषण सर्दी की चपेट में हैं, जहाँ न्यूनतम तापमान 2.5 से 3.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है।
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में घने कोहरे की चादर छाई हुई है। विशेष बात यह है कि कोहरा अब सतह के बजाय थोड़ी ऊंचाई पर है, जिससे हवाई यातायात तो प्रभावित हो रहा है, लेकिन सड़क और रेल यातायात पर इसका असर पिछले दिनों के मुकाबले थोड़ा कम है। हालांकि, धूप के कम असर और सर्द हवाओं की वजह से दिन का तापमान भी काफी नीचे बना हुआ है, जिससे ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति बनी हुई है।
अगले दो-तीन दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 और 6 जनवरी को भी कड़ाके की ठंड जारी रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं का प्रभाव गुजरात के अहमदाबाद और मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल तक महसूस किया जाएगा। हालांकि, 6 जनवरी के बाद हवाओं की दिशा में बदलाव होने की उम्मीद है, जिससे उत्तर भारत के राज्यों में कोहरे से कुछ राहत मिल सकती है और तापमान में मामूली बढ़त देखी जा सकती है।
दक्षिणी राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के तटों पर बादलों की आवाजाही शुरू हो रही है, जिससे 6 जनवरी के आसपास हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। महाराष्ट्र में भी जल्द ही बादल पहुंचने के आसार हैं, जबकि पहाड़ों पर 10 जनवरी के करीब बर्फबारी और बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम और कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहेगा।